नालंदा (बिहार): कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम का उदाहरण देते हुए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तुलना मोदी से की और कहा कि “इंदिरा जी अमेरिका के दबाव में नहीं झुकीं, लेकिन मोदी ट्रंप से डर गए।”
राहुल गांधी ने नालंदा की जनसभा में कहा —
“1971 के युद्ध के दौरान अमेरिका ने भारत को डराने के लिए अपनी नौसेना भेजी थी। उस समय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कहा था— ‘हम आपकी नौसेना से नहीं डरते, आपको जो करना है करें।’ इंदिरा गांधी एक महिला थीं, लेकिन उनमें इस आदमी (मोदी) से कहीं ज्यादा हिम्मत थी।”
राहुल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी में न तो कोई विजन है और न ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने खड़े होने की क्षमता।
“नरेंद्र मोदी कायर हैं। अगर उनमें हिम्मत है, तो किसी भी सभा में कहें कि अमेरिका के राष्ट्रपति झूठ बोल रहे हैं — लेकिन वह ऐसा कभी नहीं करेंगे,” राहुल ने कहा।
यह बयान तब आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया कि उन्होंने भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को रोकने के लिए हस्तक्षेप किया था। ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के ग्योंगजू में APEC CEO लंच के दौरान कहा कि उनकी मध्यस्थता से दोनों परमाणु-सशस्त्र देशों के बीच टकराव टल गया।
राहुल गांधी ने इस दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा —
“ट्रंप ने मोदी का 50 बार अपमान किया है। उन्होंने कहा था कि ‘मैंने मोदी से फोन पर कहा कि ऑपरेशन सिंदूर रोक दो’, और मोदी ने दो दिन में रोक दिया। लेकिन मोदी में यह कहने की हिम्मत नहीं है कि ट्रंप झूठ बोल रहे हैं। वे डर के मारे उनसे मिलने तक नहीं जा रहे हैं।”
1971 में जब भारत ने बांग्लादेश की आज़ादी के लिए पाकिस्तान से युद्ध लड़ा था, तब अमेरिका ने भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की थी। उस समय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किसी अंतरराष्ट्रीय दबाव को स्वीकार नहीं किया और भारत ने निर्णायक जीत हासिल की थी।

