नई दिल्ली: वाणिज्य मंत्रालय की जांच इकाई डीजीटीआर (DGTR) ने चीन से आयात होने वाले सोलर सेल्स पर तीन साल के लिए डंपिंग-रोधी शुल्क लगाने की सिफारिश की है। इसका उद्देश्य भारत के घरेलू सोलर उद्योगों को सस्ते आयात से होने वाले नुकसान से बचाना है।
डीजीटीआर के अनुसार, सोलर सेल चाहे मॉड्यूल में असेम्बल हों या पैनलों से निर्मित, भारत में सामान्य मूल्य से कम कीमत पर आयात किए गए हैं, जिससे डंपिंग हुई है। कुछ चीनी कंपनियों के लिए यह शुल्क 23 प्रतिशत और अन्य के लिए 30 प्रतिशत के हिसाब से सीआईएफ मूल्य (लागत, बीमा, ढुलाई) पर लागू किया जाएगा।
हालांकि, अंतिम निर्णय वित्त मंत्रालय द्वारा लिया जाएगा।
डीजीटीआर ने इसके अलावा चिली और चीन से वर्जिन मल्टी-लेयर पेपरबोर्ड, तुर्की, रूस, अमेरिका और ईरान से सोडा ऐश, और वियतनाम से कैल्शियम कार्बोनेट फिलर मास्टरबैच के आयात पर भी शुल्क लगाने की सिफारिश की है। भारत पहले भी कई उत्पादों पर चीन सहित अन्य देशों से सस्ते आयात रोकने के लिए डंपिंग-रोधी शुल्क लगा चुका है।

