“मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आत्मा है” – अविनाश पाण्डेय
“ना डरेंगे, ना झुकेंगे, ना रुकेंगे” – अजय राय
लखनऊ। Indian National Congress ने ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत मंगलवार को राजधानी लखनऊ में विधानसभा घेराव का आह्वान किया। प्रदेश के कोने-कोने से हजारों की संख्या में पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनरेगा में कथित कटौती, मजदूरों के बकाया भुगतान और ग्रामीण आजीविका पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
भारी पुलिस बल और जगह-जगह लगाए गए बैरिकेड्स के बीच कांग्रेस कार्यकर्ता विधानसभा की ओर कूच करते रहे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक व धक्का-मुक्की हुई। आरोप है कि पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए लाठीचार्ज भी किया, जिसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय समेत कई नेता और कार्यकर्ता चोटिल हो गए। बाद में कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लेकर ईको गार्डन स्थित अस्थायी जेल भेज दिया गया।

💬 “मनरेगा केवल योजना नहीं, ग्रामीण भारत की रीढ़”
प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डेय ने कहा कि मनरेगा महज रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की समग्र अर्थव्यवस्था की आत्मा है। उन्होंने कहा कि कोविड काल में मनरेगा ने प्रवासी मजदूरों को गांव में रोजगार देकर जीवनदायिनी भूमिका निभाई। यह योजना आय, कृषि, अवसंरचना और महिला सशक्तिकरण को मजबूती देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इसे कमजोर करने पर आमादा है, जिसके खिलाफ कांग्रेस देशव्यापी आंदोलन चला रही है।
💪 “दमन से नहीं दबेगा कांग्रेस का संघर्ष”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी गरीबों, मजदूरों और वंचितों के अधिकारों की लड़ाई सड़कों से सदन तक लड़ती रहेगी।
उन्होंने कहा, “दमन और लाठीचार्ज से कांग्रेस कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं। यदि सरकार ने मनरेगा और जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन और व्यापक होगा। कांग्रेस कार्यकर्ता ना डरेगा, ना झुकेगा, ना रुकेगा।”
👩 महिलाओं के सम्मान से जुड़ा है मनरेगा
कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा कि मनरेगा के माध्यम से महिलाओं को गांव में ही सम्मानजनक रोजगार मिलता था। इसे कमजोर करना महिलाओं के अधिकारों पर चोट है। उन्होंने कहा कि इस योजना का मूल उद्देश्य मजदूरों को गांव में रोजगार उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें परिवार छोड़कर पलायन न करना पड़े।
🚨 भारी पुलिस बंदोबस्त, कई नेता हिरासत में
प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है।
इस प्रदर्शन में प्रदेश भर के जिलाध्यक्ष, पूर्व विधायक, सांसद और सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।
लखनऊ की सड़कों पर मनरेगा को लेकर छिड़ा यह संघर्ष आने वाले दिनों में और तीखा हो सकता है। कांग्रेस ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जब तक मजदूरों के अधिकार सुरक्षित नहीं होंगे और मनरेगा को मजबूत नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

