आगरा। शहर अल्पसंख्यक कांग्रेस के निवर्तमान अध्यक्ष बशीर उल हक़ रॉकी ने देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामलों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आज देश का युवा यह सवाल पूछ रहा है कि आखिर कब तक उसकी मेहनत को पेपर माफिया और भ्रष्ट व्यवस्था कुचलती रहेगी।

उन्होंने कहा कि केवल NEET ही नहीं, बल्कि पिछले कुछ वर्षों में देशभर में दर्जनों बड़ी परीक्षाएँ पेपर लीक, धांधली और भ्रष्टाचार की वजह से प्रभावित हुई हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार वर्ष 2019 से अब तक 65 से अधिक बड़े पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं, जिससे करोड़ों छात्रों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है।
बशीर उल हक़ रॉकी ने कहा कि एक तरफ़ सरकार रोजगार मेले लगाकर युवाओं को सपने दिखा रही है, वहीं दूसरी ओर भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में लगातार अनियमितताएँ सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि किसी पिता ने कर्ज लेकर बच्चों की फीस भरी, किसी माँ ने गहने बेचकर पढ़ाई कराई और लाखों युवाओं ने रात-रात भर मेहनत की, लेकिन बदले में उन्हें पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आवेदन शुल्क के नाम पर करोड़ों रुपये वसूलती है और अपनी ब्रांडिंग व विज्ञापनों पर भारी रकम खर्च करती है, मगर युवाओं को न समय पर नौकरी मिलती है और न निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था।
रॉकी ने कहा कि यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ खुला अन्याय है। उन्होंने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि मेहनती छात्रों को सज़ा और भ्रष्ट लोगों को संरक्षण दिया जा रहा है।
अपने बयान के अंत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का तथाकथित “अमृतकाल” अब युवाओं के लिए “विषकाल” बन चुका है।

