वॉशिंगटन/तेहरान/इस्लामाबाद। करीब 40 दिनों से जारी तनाव और संघर्ष के बाद आखिरकार अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते के अस्थायी सीजफायर पर सहमति बन गई है। इस महत्वपूर्ण फैसले की जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दी।
ट्रम्प ने कहा कि यह सीजफायर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी सेना प्रमुख की अपील के बाद संभव हो पाया।
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ा था तनाव
सीजफायर से पहले ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित नहीं की गई तो अमेरिका कड़े कदम उठाएगा, जिसमें अहम इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले भी शामिल हो सकते हैं।
चीन की भूमिका भी रही अहम
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह समझौता आखिरी समय में चीन के दखल और पाकिस्तान की मध्यस्थता से संभव हो पाया। पाकिस्तान ने ही 2 हफ्ते के सीजफायर का प्रस्ताव रखा था, जिसे दोनों पक्षों ने स्वीकार कर लिया।
समझौते की मुख्य बातें
- अमेरिका और इज़राइल हमले रोकेंगे
- ईरान भी सैन्य कार्रवाई बंद करेगा
- होर्मुज स्ट्रेट से तेल और गैस जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित होगी
- यह सीजफायर लेबनान समेत अन्य प्रभावित क्षेत्रों पर भी लागू होगा
10 अप्रैल से औपचारिक बातचीत
सीजफायर के बाद अब दोनों देशों के बीच 10 अप्रैल से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में औपचारिक वार्ता शुरू होगी, जिससे स्थायी समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।

