तीन दिन तक बिना टिकट ताजमहल में प्रवेश, तहखाने में खुलेंगी शाहजहां–मुमताज़ की क़ब्रें
आगरा। मुगल बादशाह शाहजहां का तीन दिवसीय 371वां उर्स ताजमहल में 14 जनवरी से 16 जनवरी तक मनाया जाएगा। उर्स इस्लामिक कैलेंडर के रजब महीने की 25, 26 और 27 तारीख को आयोजित किया जाता है। इस दौरान ताजमहल में कई पारंपरिक धार्मिक रस्में अदा की जाएंगी और सैलानियों को विशेष सुविधाएं दी जाएंगी।
उर्स के अवसर पर ताजमहल में तीनों दिन सैलानियों को बिना टिकट प्रवेश मिलेगा। पहले और दूसरे दिन दोपहर 2 बजे से, जबकि तीसरे दिन सुबह ताजमहल खुलने से लेकर बंद होने तक फ्री एंट्री रहेगी।
तहखाने में खुलेंगी शाहजहां और मुमताज़ की क़ब्रें
उर्स के दौरान ताजमहल के तहखाने में स्थित मुगल बादशाह शाहजहां और बेगम मुमताज़ महल की असली क़ब्रें खोली जाएंगी।
- 14 और 15 जनवरी को दोपहर 2 बजे से
- 16 जनवरी को सुबह से शाम तक
सैलानियों को इन क़ब्रों के दीदार का अवसर मिलेगा। उल्लेखनीय है कि ये क़ब्रें सिर्फ उर्स के मौके पर ही खोली जाती हैं।
तीन दिन, तीन रस्में
उर्स के दौरान पारंपरिक रस्में इस प्रकार होंगी—
- पहला दिन: अज़ान के बाद ग़ुस्ल की रस्म
- दूसरा दिन: संदल की रस्म
- तीसरा दिन: चादरपोशी
लंगर का आयोजन
उर्स के आख़िरी दिन ताजमहल के फोरकोर्ट में लंगर तक़सीम किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में ज़ायरीन और सैलानी शिरकत करते हैं।
उर्स के अवसर पर ताजमहल में ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल देखने को मिलता है, जिससे देश-विदेश से आने वाले सैलानियों में खासा उत्साह रहता है।

