आगरा! अग्रवाल महासभा आगरा नामक संस्था के विगत दिनों संपन्न दिवार्षिक चुनाव 2026-28 की प्रक्रिया में चुनाव समिति द्वारा अपनाई गई असंवैधानिक कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लग गया है।
विदित हो कि संस्था को पहले भी पूरे 22 वर्ष की अवधि की समस्त गतिविधियों को कालातीत घोषित किया गया था एवं सरकारी नियुक्त चुनाव अधिकारी द्वारा 2022 में चुनाव संपन्न कराए गए थे जिसके उपरांत 2024 में भी संवैधानिक चुनाव कराए गए।
किंतु वर्तमान में संपन्न वार्षिक चुनाव 2026- 28 में चुनाव समिति पर गड़बड़ियों, असंवैधानिक प्रक्रिया का आरोप लगाकर अग्रवाल महासभा के कुछ संस्थापक तथा प्रत्याशी एवं आजीवन सदस्यों (कुल 45 आवेदक) ने उप निबंधक फर्म्स, सोसायटी,एवं चिट्स में शिकायत की है एवं आरोप लगाया है कि चुनाव समिति के श्री महेश गोयल, महेंद्र बंसल एडवोकेट, फूलचंद बंसल, जीवनलाल मित्तल एवं अशोक अग्रवाल द्वारा संवैधानिक प्रक्रिया ना अपनाते हुए प्रत्याशियों से लिए नामांकन पत्रों को दरकिनार करते हुए अपनी मनमर्जी से कार्यसमिति का चयन कर दिया!
इसके प्रति समाज में भारी रोष है एवं प्रत्याशियों का कहना है कि संवैधानिक रूप से मतदान प्रक्रिया के अंतर्गत सामाजिक संस्थाओं में आपसी सहमति बनाई जाती है अथवा एक दूसरे के पक्ष में नाम वापसी अथवा लॉटरी सिस्टम से भी कार्यकारिणी का निर्वाचन किया जाता है किंतु उक्त प्रक्रिया में से कोई भी प्रक्रिया ना अपनाते हुए चुनाव अधिकारी गण द्वारा अपनी हटधर्मिता का परिचय देते हुए मनमर्जी से कार्य समिति बना दी गई एवं उनको शपथ भी दिला दी गई है।
वही आवेदकों द्वारा आरोप लगाया गया है कि निर्वाचन समिति द्वारा उप निबंधक के यहां दर्ज आजीवन सदस्यों की सूची में भी हेर फेर कर अपनी मनमर्जी से सूची बना ली गई है, जो पूर्णतया अवैध है।
आवेदकों द्वारा उप निबंधक से निवेदन किया गया है कि क्योंकि विगत कार्यकारिणी का कार्यकाल समाप्त हो चुका है एवं वर्तमान कार्यकारिणी अस्तित्व में नहीं है अतः वर्तमान में अग्रवाल महासभा की कार्यकारिणी को शून्य माना जाए तथा नवीन कार्यकारिणी के गठन तक बैंक से नगद निकासी पर भी रोक लगाई जाए! वहीं वर्तमान चुनाव प्रक्रिया को असंवैधानिक मानते हुए रद्द किया जाए एवं सरकारी चुनाव अधिकारी की नियुक्ति कर नवीन चुनाव प्रक्रिया अमल में लाई जाए!
उक्त बाबत निर्वाचन अधिकारी के यहां पूर्व में भी पांच सदस्यों द्वारा व्यक्तिगत रूप से आवेदन किया जा चुका हैं जिनके उत्तर में उनके द्वारा नोटिस जारी किए गए हैं ,तथा आज दिए गए बड़े आवेदन पत्र में भी उप निबंधक द्वारा कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है तथा चुनाव अधिकारी गण एवं विगत सत्र के महामंत्री को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है।
चुनाव समिति पर लगे आरोपों में नामांकन पत्रों की बिक्री से प्राप्त धनराशि का भी विवरण न देने का आरोप लगाया गया है तथा उक्त धनराशि जो महासभा की अमानत है उसमें खयानत करने की आरोप लगे हैं!

