दुबई। दुनियाभर में तेजी से बदलते व्यापारिक समीकरणों के बीच अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ग्लोबल ट्रेड की दिशा तय करने लगे हैं। ऐसे ही एक उभरते प्लेटफॉर्म Leximx.com ने दावा किया है कि वह पारंपरिक निर्यात (Exports) मॉडल में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में काम कर रहा है।

अब तक विदेशी मेलों और प्रदर्शनियों में हिस्सा लेने के लिए निर्यातकों को भारी खर्च, लंबी तैयारी और सीमित अवसरों का सामना करना पड़ता था। लेकिन Leximx.com इन बाधाओं को खत्म कर छोटे और मध्यम स्तर के व्यापारियों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का प्रयास कर रहा है।
2019 का विजन, 2025 में साकार
इस प्लेटफॉर्म की परिकल्पना उद्यमी ताहा फैजी ने साल 2019 में की थी, जिसे तकनीकी विकास और रणनीतिक योजना के बाद 2025 में लॉन्च किया गया। उनका उद्देश्य एक ऐसा डिजिटल इकोसिस्टम तैयार करना था, जहां दुनिया भर के खरीदार और विक्रेता बिना भौगोलिक सीमाओं के एक-दूसरे से जुड़ सकें।
वर्चुअल ट्रेड शो से ग्लोबल कनेक्टिविटी
Leximx.com सिर्फ एक वेबसाइट नहीं, बल्कि एक आधुनिक B2B प्लेटफॉर्म है। यहां वर्चुअल ट्रेड शो, बिजनेस मीटिंग्स और नेटवर्किंग जैसी सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध हैं। कंपनियां अपने उत्पादों को डिजिटल तरीके से प्रदर्शित कर सकती हैं और सीधे ग्लोबल बायर्स व निर्णयकर्ताओं से संपर्क कर सकती हैं।
इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खासियत इसकी 24×7 उपलब्धता है, जिससे दुनिया के किसी भी कोने से भागीदारी संभव है। इससे समय और लागत दोनों की बचत होती है और छोटे निर्यातकों को भी वैश्विक पहचान मिलती है।
अनुभवी नेतृत्व के साथ विस्तार की तैयारी
प्लेटफॉर्म के संचालन और रणनीति में चेयरमैन मोहम्मद तारिक फैजी और मीडिया डायरेक्टर खालिद नसीम सिद्दीकी अहम भूमिका निभा रहे हैं। उनकी अगुवाई में Leximx.com खुद को ग्लोबल एक्सपोर्ट इकोसिस्टम में एक इनोवेटिव और प्रभावशाली प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
भविष्य में बढ़ेगी भूमिका
व्यापारिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी। बढ़ते डिजिटलीकरण के बीच Leximx.com जैसे समाधान देशों को अपने निर्यात बढ़ाने और नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने में मददगार साबित हो सकते हैं।
फिलहाल, नजर इस बात पर है कि यह प्लेटफॉर्म वैश्विक व्यापारिक संगठनों के साथ मिलकर एक्सपोर्ट के आंकड़ों में कितना बदलाव ला पाता है।

