गुरु पूर्णिमा पर होटल क्लार्क शिराज में सजा सम्मान समारोह, कला, संस्कृति और गुरु-परंपरा को किया गया नमन
आगरा। भारतीय संस्कृति में गुरु को साक्षात् ब्रह्म का स्वरूप माना गया है। गुरु ही वह शक्ति हैं, जो साधारण प्रतिभा को असाधारण कला में परिवर्तित कर उसे नई दिशा और पहचान प्रदान करते हैं। इसी सनातन गुरु-परंपरा को नमन करते हुए आर्टिस्ट गिल्ड ऑफ उत्तर प्रदेश, जो वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन उत्तर प्रदेश से संबद्ध है, की ओर से गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर “गुरु शिल्पी सम्मान–2026” का भव्य आयोजन होटल क्लार्क शिराज, ताज रोड में किया गया।
समारोह में संगीत, गायन, वाद्य एवं नृत्य के क्षेत्र में वर्षों से कला साधना कर रहे 23 गुरुजनों को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के माध्यम से कलाकारों को दिशा देने वाली गुरु-परंपरा के प्रति समाज की कृतज्ञता व्यक्त की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि राजकुमार गुप्ता, महानगर अध्यक्ष भाजपा रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में मनीष अग्रवाल रावी, अध्यक्ष वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन उत्तर प्रदेश, संदीप उपाध्याय, महासचिव तथा अमूल्य कक्कड़, अध्यक्ष टूरिज्म गिल्ड ऑफ आगरा उपस्थित रहे। वरिष्ठ उद्यमी पूरन डावर ने भी समारोह में अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
संगीत और गायन के गुरुओं का सम्मान
समारोह में संगीत एवं गायन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. रवि भटनागर, प्रतिभा तालेगांवकर, सुधीर नारायण, सदानंद, मुरली तिवारी, गौतम तिवारी, सुभाष सक्सेना, शोभी माथुर, रविंद्र तालेगांवकर, पंडित डॉ. देवाशीष गांगुली “संगीतेश”, अमान खान एवं गजेन्द्र चौहान को “गुरु शिल्पी सम्मान–2026” से सम्मानित किया गया।
वहीं वाद्य यंत्र विधा में उल्लेखनीय योगदान के लिए बिरेन्द्र भान गुप्ता, शुभाशीष गांगुली, डॉ. नीलू शर्मा, मनीष प्रभाकर, रमेश प्रभाकर, देवकी नंदन गुरु एवं फ्रांसिस मरिंडा को सम्मानित किया गया।
नृत्य के क्षेत्र में कला साधना एवं प्रशिक्षण के लिए पुरुषोत्तम मयूरा, टोनी फास्टर, रोशनी गिडवानी एवं ज्योति खण्डेलवाल को भी सम्मानित किया गया।
पूरन डावर को मिला “औद्योगिक गुरु सम्मान”
समारोह में वरिष्ठ उद्योगपति पूरन डावर को विशेष रूप से “औद्योगिक गुरु सम्मान” से सम्मानित किया गया। उद्योग, उद्यमिता और रोजगार के क्षेत्र में युवाओं का मार्गदर्शन करने तथा समाज में प्रेरणास्रोत बनने के लिए उन्हें यह विशेष सम्मान मनीष कुमार अग्रवाल द्वारा प्रदान किया गया।
सम्मान प्राप्त करने के बाद पूरन डावर ने कहा कि कला और उद्योग दोनों सृजन के माध्यम हैं। ऐसे सम्मान नई पीढ़ी को अपने गुरुजनों से सीखने, आगे बढ़ने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने की प्रेरणा देते हैं।
“कला मनुष्य को अध्यात्म से जोड़ती है”
मुख्य अतिथि राजकुमार गुप्ता ने कहा कि कला मनुष्य को अध्यात्म से जोड़ने का सबसे सुंदर माध्यम है। संगीत, नृत्य और भावों की अभिव्यक्ति में ईश्वर का अनुभव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे गुरुजनों का सम्मान करना समाज के लिए गौरव और सौभाग्य की बात है।
अमूल्य कक्कड़ ने कहा कि आगरा की सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान को समृद्ध बनाने में कलाकारों और उनके गुरुजनों का अमूल्य योगदान है। उन्होंने कहा कि जब गुरु सम्मानित होते हैं तो पूरी कला परंपरा गौरवान्वित होती है।
वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल रावी ने कहा कि भारतीय कला एवं संस्कृति की वैश्विक पहचान इन गुरुजनों की वर्षों की साधना का परिणाम है। गुरु ही वह प्रथम शक्ति हैं, जो शिष्य की प्रतिभा को पहचानकर उसे सही दिशा, संस्कार और उत्कृष्टता प्रदान करते हैं।
गुरु-शिष्य परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प
समारोह के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक समय में तकनीक और बदलती जीवनशैली के बावजूद गुरु-शिष्य परंपरा का महत्व कम नहीं हुआ है। कला के प्रत्येक क्षेत्र में नई प्रतिभाओं को तैयार करने और उन्हें सही मार्गदर्शन देने में गुरु की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे सम्मान समारोह युवा पीढ़ी को कला और संस्कृति से जोड़ने के साथ-साथ अपने गुरुओं के प्रति सम्मान की भावना भी मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम का संचालन नीरज त्रिपाठी ने किया।
समारोह में आर्टिस्ट गिल्ड ऑफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष रिंकू प्रवीण वर्मा, महासचिव कमलप्रीत सिंह शैंकी, उपाध्यक्ष भीमसेन शिरोमणि, पंकज वर्मा, डॉ. मंजरी शुक्ला, देव कुमार, संरक्षक दलजीत सिंह, जसवंत सिंह, संजीव अरोड़ा एवं मनोज कोहली, सचिव रोहन सिंह, अनिल वर्मा, साहिल चौहान, निधि सोनी तथा कार्यकारिणी सदस्य ललित शर्मा, योगेश शर्मा, अनूप सिंह, मनु कौर, नीरज कपूर, अपूर्व, श्रीकांत सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समन्वय वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अनिल सविता एवं आर्टिस्ट गिल्ड ऑफ उत्तर प्रदेश की पूरी टीम द्वारा किया गया। समारोह ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर कला, संस्कृति और गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का संदेश दिया।

