आगरा। हज़रत सैय्यदना शाह अमीर अबुल उला (रह.) के 387वें सालाना उर्स मुबारक के अवसर पर रविवार, 26 जुलाई 2026 को दरगाह शरीफ़ के अहाते में परंपरागत रूप से महफ़िल-ए-रंग व चादर तक़सीम की रस्म अत्यंत अकीदत व एहतराम के साथ अदा की गई।

इस अवसर पर मौरूसी सज्जादा नशीन एवं मुतवल्ली हज़रत सैय्यद मोहतशिम अली अबुल उलाई ने रस्म की सरपरस्ती की। उनके साथ नायब सज्जादगान हज़रत हाजी सैय्यद विरासत अली अबुल उलाई, हज़रत सैय्यद ईशाअत अली अबुल उलाई तथा हज़रत सैय्यद कैफ़ अली अबुल उलाई भी मौजूद रहे।
महफ़िल में हज़रत सैय्यद मोहतशिम अली अबुल उलाई के अहलेख़ाना से सैय्यद इक़बाल अली, सैय्यद अरीब अली, सैय्यद आसिम अली, सैय्यद शहाब अली, सैय्यद अज़हर अली, सैय्यद मुकर्रम अली एवं मोहम्मद नावेद सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए ख़ास मेहमानों, अकीदतमंदों और जायरीन ने बड़ी संख्या में शिरकत की।

महफ़िल-ए-रंग के दौरान सूफ़ियाना माहौल में दरगाह शरीफ़ पर चादर पेश की गई तथा उर्स की परंपराओं के अनुसार चादर तक़सीम की रस्म भी सम्पन्न हुई। इस दौरान दरबार-ए-सैय्यदना सरकार में मुल्क में अमन-ओ-अमान, आपसी भाईचारे, राष्ट्रीय एकता, खुशहाली और इंसानियत की सलामती के लिए ख़ास दुआएँ की गईं।
उर्स के इस आध्यात्मिक आयोजन में उपस्थित अकीदतमंदों ने हज़रत सैय्यदना शाह अमीर अबुल उला (रह.) की शिक्षाओं पर अमल करते हुए प्रेम, सद्भाव, सेवा और इंसानियत के संदेश को समाज में फैलाने का संकल्प भी लिया।

