गोरखपुर | TIMES OF TAJ
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में निषाद पार्टी ने अपने चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत गोरखपुर से करने का फैसला किया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के नेतृत्व में यह अभियान प्रदेश की राजनीति में बड़ा संदेश देने वाला माना जा रहा है।

पार्टी चार बड़े शहरों—गोरखपुर, प्रयागराज, वाराणसी और मेरठ—में विशाल रैलियों का आयोजन करेगी। इन रैलियों के जरिए निषाद समाज के प्रभाव वाले करीब 160 विधानसभा क्षेत्रों को साधने की रणनीति तैयार की गई है।
इस राजनीतिक मंच पर सहयोगी दलों की एकजुटता भी नजर आएगी। ओमप्रकाश राजभर और आशीष पटेल जैसे नेता रैलियों में शामिल होकर गठबंधन की ताकत दिखाएंगे।

गोरखपुर से शुरू होने वाले इस अभियान को ऐतिहासिक बनाने के लिए 3000 बाइकों की रैली भी निकाली जाएगी, जो शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए महंत दिग्विजयनाथ पार्क तक पहुंचेगी।
निषाद पार्टी का फोकस सिर्फ रैलियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर भी है। पार्टी निषाद समाज की उपजातियों को अनुसूचित जाति (SC) में शामिल करने, मछुआ समुदाय के पारंपरिक अधिकारों की बहाली और आरक्षण में हिस्सेदारी बढ़ाने जैसे मुद्दों को जोर-शोर से उठा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, निषाद समाज का करीब 4.5% वोट बैंक है, जो कई सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाता है। यदि सभी उपजातियों को एकजुट किया जाए, तो यह आंकड़ा 9% तक पहुंच सकता है—जो किसी भी दल के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है।
कुल मिलाकर, निषाद पार्टी 2027 के चुनाव से पहले न सिर्फ अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने बल्कि नए सामाजिक समीकरण गढ़ने की दिशा में बड़ा दांव खेलने जा रही है।

