वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन उत्तर प्रदेश ने प्रस्तुत किया यूपी का वेडिंग रोडमैप*
राजस्थान उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया कॉन्क्लेव का उद्घाटन
जयपुर, राजस्थान की राजधानी जयपुर के होटल में आयोजित *”इंटरनेशनल इंडियन वेडिंग एंड टूरिज्म कॉन्क्लेव 2026 – IWTC 2026″* का भव्य शुभारंभ राजस्थान की उपमुख्यमंत्री *श्रीमती दिया कुमारी जी* द्वारा किया गया।
इस दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में देश भर से आए वेडिंग प्लानर, इवेंट मैनेजर, होटलियर्स और टूरिज्म इंडस्ट्री के दिग्गजों ने भाग लिया।
*वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन उत्तर प्रदेश ने रखा “शादियों के लिए उत्तम प्रदेश” का विजन*
कॉन्क्लेव के विशेष सत्र में *वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन उत्तर प्रदेश – WIA-UP* ने उत्तर प्रदेश की वेडिंग इंडस्ट्री की अपार संभावनाओं को प्रस्तुत किया।
*वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन उत्तर प्रदेश – WIA-UP* का प्रतिनिधि मंडल संगठन के अध्यक्ष मनीष कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में इस आयोजन में प्रमुखता से शामिल हुआ। उनके साथ संगठन के महासचिव संदीप उपाध्याय, उपाध्यक्ष सौरभ सिंघल और एडमिनिस्ट्रेटर श्री अनिल भी उपस्थित रहे।
अध्यक्ष श्री मनीष कुमार अग्रवाल ने अपने प्रेजेंटेशन में कहा,
_”उत्तर प्रदेश सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भारत का सबसे समृद्ध प्रदेश है। यहां आने वाला हर अतिथि एक विशेष अनुभव लेकर जाता है। आगरा का ताज, अयोध्या की आस्था, काशी के घाट और प्रयागराज का संगम – ये सब मिलकर यूपी को ‘वेडिंग के लिए उत्तम प्रदेश’ बनाते हैं। हमारा लक्ष्य है कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश डेस्टिनेशन वेडिंग का ग्लोबल हब बने।”_
महासचिव संदीप उपाध्याय ने कहा,
_”उत्तर प्रदेश की अपनी एक अलग संस्कृति है – चाहे वो खाने का स्वाद हो या मेहमाननवाजी। आज का वैवाहिक ग्राहक उत्तर प्रदेश की इस विरासत और गर्मजोशी को बहुत पसंद करता है। वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन उत्तर प्रदेश तेजी से वेडिंग सेक्टर में आगे बढ़ रहा है और रोजगार के नए अवसर सृजित कर रहा है।”_
उपाध्यक्ष श्री सौरभ सिंघल ने कहा,
_”आगरा का ताज, अयोध्या का आध्यात्मिक माहौल, बनारस के घाट और प्रयागराज का पवित्र संगम – ये सभी उत्तर प्रदेश को दुनिया भर के जोड़ों के लिए एक आकर्षक डेस्टिनेशन बनाते हैं।”_
*राजस्थान-उत्तर प्रदेश कोलैबोरेशन पर जोर*
विशेष सत्र में वक्ताओं ने “एक जिला एक वेडिंग डेस्टिनेशन” की अवधारणा पर भी चर्चा की। वक्ताओं का मानना था कि राजस्थान की विरासत और उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता मिलकर भारत को “ग्लोबल वेडिंग डेस्टिनेशन” बना सकती हैं।
कॉन्क्लेव में देश के विभिन्न राज्यों से आए सैकड़ों वेडिंग और इवेंट प्रोफेशनल्स ने भाग लिया और उद्योग के भविष्य पर मंथन किया।

