आगरा, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस (FIEO) द्वारा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई नवीनतम निर्यात विश्लेषण रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश ने निर्यात के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। राज्य का कुल निर्यात पहली बार 2 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करते हुए 2,01,241 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा 1,86,059 करोड़ रुपये था।
रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश अब देश का पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बन गया है। देश के कुल निर्यात में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 5.2 प्रतिशत रही है, जो राज्य की बढ़ती औद्योगिक क्षमता और वैश्विक बाजार में मजबूत होती उपस्थिति को दर्शाती है।
निर्यात वृद्धि में ओडीओपी और एमएसएमई की महत्वपूर्ण भूमिका
रिपोर्ट में कहा गया है कि “एक जिला एक उत्पाद” (ODOP) योजना, एमएसएमई क्षेत्र का विस्तार, बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधाएं तथा राज्य सरकार की निर्यात संवर्धन नीतियां इस उपलब्धि के प्रमुख कारण हैं। हस्तशिल्प, इंजीनियरिंग उत्पाद, कालीन, चमड़ा उत्पाद, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ और कृषि उत्पादों ने निर्यात वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
जिलों में गौतमबुद्ध नगर अव्वल, आगरा पांचवें स्थान पर
जिलावार निर्यात प्रदर्शन में गौतमबुद्ध नगर 97,703 करोड़ रुपये के निर्यात के साथ पहले स्थान पर रहा। इसके बाद गाजियाबाद, कानपुर नगर, मुरादाबाद और आगरा का स्थान रहा। आगरा ने वर्ष 2025-26 में 8,907 करोड़ रुपये का निर्यात दर्ज कर प्रदेश के शीर्ष पांच निर्यातक जिलों में अपनी जगह बनाए रखी।
रिपोर्ट के अनुसार आगरा, अलीगढ़, भदोही, उन्नाव, संभल, बुलंदशहर, हापुड़ और मथुरा जैसे जिलों में निर्यात मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो प्रदेशभर में निर्यात गतिविधियों के विस्तार को दर्शाती है।
इलेक्ट्रॉनिक्स, मांस उत्पाद और जूते प्रमुख निर्यात वस्तुएं
उत्तर प्रदेश से सर्वाधिक निर्यात होने वाली वस्तुओं में इलेक्ट्रिकल मशीनरी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, मांस एवं मांस उत्पाद, बुने हुए वस्त्र, औद्योगिक मशीनरी, जूते, लौह एवं इस्पात उत्पाद, कालीन तथा फ्लोर कवरिंग प्रमुख रहे।
मांस एवं मांस उत्पादों के निर्यात में 30 प्रतिशत, औद्योगिक मशीनरी में 26 प्रतिशत तथा चमड़ा उत्पादों में 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं रेशम उत्पादों के निर्यात में 156 प्रतिशत की शानदार वृद्धि देखने को मिली।
अमेरिका सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य
उत्तर प्रदेश से निर्यात के प्रमुख देशों में अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम (यूके), संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), जर्मनी और नेपाल शामिल रहे। इन देशों में प्रदेश के उत्पादों की लगातार बढ़ती मांग उत्तर प्रदेश के उद्योगों के लिए नए अवसर पैदा कर रही है।
निर्यात क्षेत्र में नई ऊंचाइयों की ओर उत्तर प्रदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि लॉजिस्टिक्स पार्क, इनलैंड कंटेनर डिपो, मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क और व्यापार सुगमता से जुड़ी योजनाओं में निरंतर निवेश के चलते उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में देश की निर्यात वृद्धि का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
उत्तर प्रदेश का यह रिकॉर्ड निर्यात प्रदर्शन न केवल राज्य की आर्थिक प्रगति का प्रतीक है, बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
वक्तव्य
उत्तर प्रदेश का निर्यात पहली बार 2 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर 2,01,241 करोड़ रुपये तक पहुंचना राज्य के लिए अत्यंत गौरव और उत्साह का विषय है। यह उपलब्धि प्रदेश के निर्यातकों, उद्यमियों, एमएसएमई इकाइयों तथा राज्य सरकार की निर्यात संवर्धन नीतियों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।
उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प, कालीन, चमड़ा, कृषि एवं खाद्य उत्पाद, इंजीनियरिंग वस्तुएं, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा अन्य निर्यातोन्मुख क्षेत्रों ने वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। विशेष रूप से एमएसएमई क्षेत्र ने निर्यात वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है।
देश के पांचवें सबसे बड़े निर्यातक राज्य के रूप में उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि भविष्य की अपार संभावनाओं का संकेत है। हमें विश्वास है कि बेहतर लॉजिस्टिक्स, उद्योग-अनुकूल नीतियों, ओडीओपी योजना और निर्यातकों के बढ़ते उत्साह के बल पर आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश निर्यात के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा तथा देश के अग्रणी निर्यातक राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।

-आलोक श्रीवास्तव, प्रमुख, फियो उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश का निर्यात 2 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर को पार करना राज्य के औद्योगिक विकास और विनिर्माण क्षेत्र की बढ़ती ताकत का प्रमाण है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि प्रदेश के उद्योग वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बन रहे हैं और उनके उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।
विशेष रूप से आगरा का प्रदेश के शीर्ष पांच निर्यातक जिलों में शामिल होना स्थानीय उद्योगों, विशेषकर फुटवियर, चमड़ा, इंजीनियरिंग एवं एमएसएमई क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। यह सफलता हजारों उद्यमियों, निर्यातकों और श्रमिकों की मेहनत का परिणाम है, जिन्होंने कठिन वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद निर्यात वृद्धि को नई दिशा दी है।
एफमेक का मानना है कि यदि उद्योगों को आधुनिक तकनीक, बेहतर लॉजिस्टिक्स, वित्तीय सहायता और वैश्विक बाजारों तक आसान पहुंच उपलब्ध कराई जाए और टेक्सटाइल और आईटी सेक्टर को यदि सरकार प्रोत्साहित करे तो उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी औद्योगिक एवं निर्यात केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त होकर उभरेगा। आगरा सहित प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक क्लस्टरों में अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें प्रोत्साहन देकर निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
यह उपलब्धि प्रदेश के उद्योग जगत के लिए उत्साहवर्धक है और आने वाले वर्षों में निवेश, रोजगार तथा औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेगी।

- गोपाल गुप्ता, अध्यक्ष, एफमेक
यह हमारे लिए प्रसन्नता का विषय है कि प्रदेश सरकार द्वारा इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, फुटवियर तथा पर्यटन जैसे विभिन्न क्षेत्रों के लिए बनाई गई उद्योगोन्मुखी नीतियों और निवेश समिट जैसे बड़े प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।
विशेष रूप से आगरा का प्रदेश के शीर्ष पांच निर्यातक जिलों में शामिल होना अत्यंत गौरव का विषय है। आगरा का फुटवियर एवं चमड़ा उद्योग दशकों से देश के निर्यात परिदृश्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है और आज भी लाखों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध करा रहा है। प्रदेश के निर्यात में निरंतर वृद्धि इस बात का संकेत है कि स्थानीय उद्योग वैश्विक बाजार की आवश्यकताओं और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप स्वयं को लगातार विकसित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), आधुनिक तकनीक, डिजिटलीकरण, डिज़ाइन नवाचार तथा कौशल विकास को उद्योगों से जोड़कर उत्तर प्रदेश अपने निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। यदि उद्योग, सरकार और निर्यातक संगठन मिलकर समन्वित रूप से कार्य करें तो आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश देश के शीर्ष तीन निर्यातक राज्यों में स्थान प्राप्त करने की क्षमता रखता है।
यह उपलब्धि प्रदेश के उद्यमियों, निर्यातकों, श्रमिकों और नीति निर्माताओं के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। मैं सभी को इस ऐतिहासिक सफलता के लिए हार्दिक बधाई देता हूं और विश्वास व्यक्त करता हूं कि उत्तर प्रदेश शीघ्र ही वैश्विक व्यापार मानचित्र पर और अधिक सशक्त पहचान स्थापित करेगा।

-पूरन डावर, चेयरमैन, डेवलपमेंट काउंसिल फॉर फुटवियर एंड लेदर इंडस्ट्री (डीसीएफएलआई)

