कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मतदाता जागरूकता को लेकर चलाई गई मुहिम ने उल्लेखनीय असर दिखाया। ऑल इंडिया उलमा बोर्ड की “वोट बिदारी मुहिम” के चलते दोनों चरणों में जनता ने बढ़-चढ़कर मतदान किया, जिसके परिणामस्वरूप 90 प्रतिशत से अधिक वोटिंग दर्ज की गई।
इस व्यापक अभियान की कमान बोर्ड के राष्ट्रीय महासचिव अल्लामा बुनई हसनी के हाथों में रही। उनके नेतृत्व में राज्यभर में सुनियोजित तरीके से जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए।

वहीं, बोर्ड के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं बंगाल प्रभारी मुफ्ती खालिद आज़म हैदरी ने विभिन्न जिलों में जाकर लोगों को मतदान के महत्व के प्रति जागरूक किया। उन्होंने इस्लामी शिक्षाओं के माध्यम से भी अवाम को वोट की अहमियत समझाई और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
इस अभियान को सफल बनाने में बोर्ड के कई प्रमुख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। इनमें बादशाह खान, सैय्यद इरफ़ान शेर, मौलाना क़ाज़ी असदुल हुसैनी, मौलाना उजैर अहमद इसलाही, फारूक मलिक, मौलाना सबाह उद्दीन कादरी, मौलाना अबुल कलाम कासमी, पूनम बेगम, आशा खातून तथा एडवोकेट नुसरत अंसारी शामिल रहे।
बोर्ड के पदाधिकारियों का कहना है कि इस मुहिम का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना था, जिसमें उन्हें बड़ी सफलता मिली। यह अभियान भविष्य के चुनावों में भी एक मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है।

