अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में एक हिंदू महिला प्रोफेसर के साथ कथित भेदभाव और उत्पीड़न का गंभीर मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. रचना कौशल ने एएमयू प्रशासन और कुछ सहकर्मी प्रोफेसरों पर बीते करीब 27 वर्षों से मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
डॉ. रचना कौशल का कहना है कि उन्हें केवल हिंदू शिक्षक होने की वजह से लगातार अपमानजनक टिप्पणियों और आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रोफेसर उनके खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं और उनके कार्य को जानबूझकर संदेह के घेरे में लाते हैं।
डॉ. रचना कौशल ने अपने बयान में कहा,
“AMU के कुछ प्रोफेसर कहते हैं कि हिंदू शिक्षक जान-बूझकर मुस्लिम छात्रों को ठीक से नहीं पढ़ाते। मुझसे कई बार कहा गया कि तुम हिंदू टीचर हो तो बीएचयू क्यों नहीं चली जाती। मैं यह सब लंबे समय से सहती आ रही हूं, लेकिन अब मेरे पास कानूनी कार्रवाई के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।”
उन्होंने कहा कि वर्षों तक संस्थान की गरिमा और शैक्षणिक माहौल को ध्यान में रखते हुए वह चुप रहीं, लेकिन उत्पीड़न की सीमा अब पार हो चुकी है। डॉ. कौशल के अनुसार, वह जल्द ही पूरे मामले का सार्वजनिक रूप से खुलासा करेंगी और इसके बाद संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगी।
इस मामले के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में हलचल तेज हो गई है। शिक्षा जगत और सामाजिक हलकों में इस आरोप को लेकर गहरी चिंता जताई जा रही है। कई लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो यह न केवल एक शिक्षक के अधिकारों का हनन है, बल्कि देश के प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय की छवि पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
फिलहाल एएमयू प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले के तूल पकड़ने के साथ ही यह देखना अहम होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन और जांच एजेंसियां इस पर क्या कदम उठाती हैं।

