नई दिल्ली: एआईसीसी अल्पसंख्यक विभाग के नेशनल मीडिया इंचार्ज एवं तेलंगाना प्रभारी Syed Adnan Ashraf ने ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा कि अयातुल्लाह खामेनेई का जीवन संघर्ष, आत्मसम्मान और सिद्धांतों पर अडिग रहने की एक ऐतिहासिक मिसाल रहा है।
सैयद अदनान अशरफ ने कहा कि अयातुल्लाह खामेनेई ने दुनिया को यह संदेश दिया कि अपने हक़ और न्याय के लिए खड़ा होना केवल सियासत नहीं, बल्कि एक इबादत है।
उन्होंने अपने संदेश में कहा:
“अलविदा, अयातुल्लाह! आपने दुनिया को बता दिया कि अपने हक़ की लड़ाई सियासत नहीं, इबादत है। आप एक ऐसी मिसाल हैं जिसने दिखाया कि ज़िल्लत के महलों से बेहतर स्वाभिमान की ज़िंदगी है।”
उन्होंने आगे कहा कि उनका नेतृत्व साहस, धैर्य और आत्मगौरव का प्रतीक था, जिसने लाखों लोगों को प्रेरित किया।
सैयद अदनान अशरफ ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों के संदर्भ में कहा कि अयातुल्लाह खामेनेई की शहादत से भारत ने एक सच्चा और विश्वसनीय मित्र खो दिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत और ईरान के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंध आगे भी मजबूत रहेंगे और दोनों देशों के बीच सहयोग की परंपरा जारी रहेगी।

