भोपाल। मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने जुलाई में संभावित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को ध्यान में रखते हुए तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेशभर से करीब 70 हजार शिक्षकों की पहचान कर उनकी सूची तैयार कर ली गई है। इन शिक्षकों को बेहतर तैयारी के लिए मई के पहले सप्ताह से ऑनलाइन कोचिंग क्लासेस शुरू की जाएंगी।

इस पूरी प्रक्रिया का संचालन लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) की असेसमेंट सेल द्वारा किया जाएगा। परीक्षा कार्यक्रम मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) के अनुसार जुलाई में टीईटी आयोजित होने की संभावना है।
अधिकारियों के अनुसार, कोचिंग क्लासेस अनिवार्य नहीं होंगी, लेकिन शिक्षकों को विषयवार तैयारी का पूरा अवसर मिलेगा। विशेषज्ञों द्वारा यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी। विभाग ने पूरा पाठ्यक्रम तैयार कर लिया है और मॉडल आंसर भी बनाए जा रहे हैं, ताकि शिक्षक परीक्षा पैटर्न को अच्छी तरह समझ सकें।
ऑनलाइन कक्षाओं के प्रसारण के लिए तीन स्टूडियो का उपयोग किया जाएगा—एक स्टूडियो डीपीआई की असेसमेंट सेल में तैयार किया गया है, जबकि अन्य दो स्टूडियो मध्य प्रदेश राज्य मुक्त परिषद और सीमैट (CMAT) में पहले से संचालित हैं।
इसके अलावा, यदि किसी शिक्षक को ऑनलाइन कोचिंग में तकनीकी या अन्य समस्या आती है, तो जिला स्तर पर भी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। विषय विशेषज्ञ नियुक्त किए जाएंगे, जो समस्याओं का समाधान करेंगे और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कक्षाएं भी संचालित करेंगे।
यह कोचिंग विशेष रूप से उन शिक्षकों के लिए है, जो वर्ष 1998 से 2005 के बीच शिक्षा कर्मी या संविदा शिक्षक के रूप में नियुक्त हुए थे। हालांकि, शिक्षक संगठनों का कहना है कि इस प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला अभी लंबित है।
राज्य शिक्षक संघ के प्रांत अध्यक्ष जगदीश सिंह के अनुसार, टीईटी मामले में सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका बहस के लिए स्वीकार हो गई है और अगली सुनवाई 13 मई को निर्धारित है।
डीपीआई आयुक्त अभिषेक सिंह ने कहा कि जब तक अदालत का अंतिम निर्णय नहीं आता, तब तक शिक्षकों को परीक्षा की तैयारी जारी रखनी चाहिए। मई से ऑनलाइन कोचिंग शुरू की जाएगी और मॉडल प्रश्नपत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

