मुगलकालीन अष्टधातु अलमों की जियारत, मेहंदियां चढ़ाकर मांगी जाएंगी मुरादें
फिरोजाबाद। मुहर्रम की सातवीं तारीख पर मंगलवार को प्राचीन शाही बड़ा इमामबाड़ा अकीदत और श्रद्धा का केंद्र बनेगा, जहां हजारों की संख्या में अकीदतमंद मेहंदियां पेश कर हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और शोहदाए कर्बला को खिराजे अकीदत पेश करेंगे। इस दौरान सदियों पुरानी परंपरा के तहत अष्टधातु से निर्मित मुगलकालीन अलमों की जियारत भी कराई जाएगी।
मुहर्रम इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष मुहम्मद उमर फारूक ने बताया कि पूरे जनपद में मेहंदी चढ़ाने का यह ऐतिहासिक आयोजन केवल प्राचीन शाही बड़ा इमामबाड़ा में ही आयोजित होता है। यहां महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बड़ी संख्या में पहुंचकर मेहंदियां चढ़ाते हैं तथा अपनी मन्नतों के लिए दुआ करते हैं।
शाम 6 बजे शहर काजी सैय्यद शाहनियाज अली पारंपरिक रूप से पहली मेहंदी पेश कर कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद देर रात तक धार्मिक आयोजनों का सिलसिला जारी रहेगा। वहीं विभिन्न क्षेत्रों से निकलने वाले मेहंदी के जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होते हुए रात्रि लगभग 11 बजे शाही बड़ा इमामबाड़ा पहुंचेंगे।
आयोजन के दौरान कमेटी की ओर से लंगर का भी विशेष प्रबंध किया गया है, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
अव्यवस्थाओं पर भड़के शहर काजी
मुहर्रम के महत्वपूर्ण आयोजनों से पहले प्राचीन शाही बड़ा इमामबाड़ा में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर शहर काजी सैय्यद शाहनियाज अली ने नगर निगम प्रशासन पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस ऐतिहासिक स्थल की लगातार उपेक्षा की जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पेयजल लाइनों में दूषित और काला पानी आ रहा है, जिसकी शिकायत कई बार किए जाने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ। इसके अलावा ताजिए रखने के स्थान क्षतिग्रस्त हैं, स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी नहीं की गई हैं।
शहर काजी ने जिलाधिकारी एवं नगर आयुक्त से तत्काल हस्तक्षेप कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने की मांग करते हुए कहा कि मुहर्रम जैसे पवित्र अवसर पर श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
वहीं पूर्व अध्यक्ष दिलशाद अली राजू ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की अपील की है, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।
— टाइम्स ऑफ ताज, फिरोजाबाद

