श्रीनगर,: श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में शुक्रवार देर रात एक भयंकर विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई और 27 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट उस समय हुआ जब पुलिसकर्मी फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से ज़ब्त किए गए विस्फोटकों के नमूने ले रहे थे।
#WATCH | Srinagar, JK | Security personnel cordon off the area near the Nowgam Police Station where a blast occurred last night. pic.twitter.com/W4DddbFSLR
— ANI (@ANI) November 15, 2025
विस्फोट में ज्यादातर पुलिसकर्मी और फोरेंसिक अधिकारी घायल हुए हैं। घायलों को शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अब तक विस्फोट स्थल से आठ शव बरामद किए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, विस्फोटक सामग्री गिरफ्तार चिकित्सक मुजम्मिल गनई के किराए के आवास से बरामद 360 किलोग्राम विस्फोटकों का हिस्सा थी। ये विस्फोटक नमूने जांच के लिए फोरेंसिक प्रयोगशाला में लाए जा रहे थे।
श्रीनगर पुलिस ने अक्टूबर में मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की थी। CCTV फुटेज और जांच के आधार पर तीन संदिग्धों—आरिफ निसार डार उर्फ़ साहिल, यासिर-उल-अशरफ और मकसूद अहमद डार उर्फ़ शाहिद—को गिरफ्तार किया गया। इनके पूछताछ से शोपियां के पूर्व पराचिकित्सक मौलवी इरफान अहमद भी गिरफ्तार हुए।
फरीदाबाद स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय से डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई और डॉ. शाहीन सईद को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से अमोनियम नाइट्रेट, पोटेशियम नाइट्रेट और सल्फर सहित रासायनिक विस्फोटक बरामद हुए।
जांचकर्ताओं का मानना है कि पूरा मॉड्यूल चिकित्सकों की एक मुख्य तिकड़ी द्वारा संचालित था—मुजम्मिल गनई (गिरफ्तार), उमर नबी (लाल किले के पास विस्फोट में शामिल) और मुजफ्फर राठेर (फरार)। फरार डॉ. मुजफ्फर राठेर के भाई, डॉ. अदील राठेर की भूमिका की भी जांच जारी है, जिनके पास से एक एके-56 राइफल बरामद हुई।
विस्फोट के बाद रात में एम्बुलेंस और पुलिस वाहन सक्रिय रहे, लेकिन लगातार छोटे धमाकों के कारण बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण रहा।

