अप्रैल से अक्टूबर 2026 तक आरपीएफ ने 37 लड़कों और 35 लड़कियों को सुरक्षित बचाया, लापता और घर से भागे बच्चों की सुरक्षा के लिए अभियान जारी
आगरा,। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) आगरा मंडल ने बच्चों की सुरक्षा और उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत अप्रैल से अक्टूबर 2026 तक कुल 72 बच्चों को सुरक्षित बचाया है। इनमें 37 लड़के और 35 लड़कियां शामिल हैं।
मंडल रेल प्रबंधक आगरा श्री गगन गोयल के निर्देशन तथा वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त श्री एस. रामकृष्णन के मार्गदर्शन में आरपीएफ की टीम इस अभियान को लगातार प्रभावी ढंग से संचालित कर रही है।
लापता और संकटग्रस्त बच्चों को बचाने पर विशेष जोर
‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ भारतीय रेलवे के विभिन्न जोनों में चलाया जा रहा एक महत्वपूर्ण अभियान है। इसका उद्देश्य रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में मिलने वाले ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित बचाना है, जो किसी कारणवश संकटपूर्ण परिस्थितियों में पहुंच जाते हैं।
आगरा मंडल में बचाए गए बच्चों में लापता, अपहृत, मानसिक रूप से अस्वस्थ और बेघर बच्चे शामिल हैं। आरपीएफ की टीम ने इन बच्चों को सुरक्षित बचाने के साथ उनकी स्थिति के अनुसार आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए हैं।
बच्चों की सुरक्षा के लिए लगातार सक्रिय आरपीएफ
आरपीएफ का यह अभियान केवल बच्चों को बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि घर से भागे और लापता बच्चों की समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। रेलवे के विशाल नेटवर्क में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है, जिसके लिए आरपीएफ लगातार प्रयास कर रही है।
अभियान के तहत बचाए गए बच्चों की जानकारी ‘ट्रैक चाइल्ड पोर्टल’ पर उपलब्ध कराई जाती है, जिससे उनकी पहचान, विवरण और संबंधित जानकारी के आधार पर आगे की प्रक्रिया में मदद मिलती है।
आगरा मंडल आरपीएफ की यह पहल बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और उनके बेहतर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सात महीने में 72 बच्चों को सुरक्षित बचाने की उपलब्धि अभियान की सक्रियता और मानवीय जिम्मेदारी को दर्शाती है।
समाचार: Times of Taj
