फिरोजाबाद/आगरा। उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) के आगामी आगरा खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में अवागढ़ रियासत के युवराज अंबरीश पाल सिंह ने शिक्षा सुधार को केंद्र में रखते हुए अपना ‘विजनरी विजन’ साझा किया और आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा नीति में व्यापक बदलाव का आह्वान किया।
युवराज अंबरीश पाल सिंह ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर इसे सशक्तिकरण का माध्यम बनाना होगा। उनके अनुसार, वर्तमान समय में विद्यालयों को कौशल विकास के केंद्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है।
अपने अभियान के तहत उन्होंने फिरोजाबाद क्षेत्र के कई शिक्षण संस्थानों—जन कल्याण इंटर कॉलेज (लालपुर, शिकरारी), गायत्री पब्लिक स्कूल (रामगढ़), दीप सिंह इंटर कॉलेज (रजावली), आनंद पब्लिक स्कूल (रजावली), जवाहरलाल इंटर कॉलेज (रतीगढी), राणा प्रताप सिसोदिया इंटर कॉलेज (भीड़ेला) तथा राम सिंह महाविद्यालय (नगला बीच)—में पहुंचकर जनसंपर्क किया और शिक्षाविदों व बुद्धिजीवियों से संवाद स्थापित किया।
उन्होंने अपने विजन में शिक्षा सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदु रखे, जिनमें शामिल हैं—
ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी और स्मार्ट क्लास की व्यवस्था,
शिक्षकों की समस्याओं का त्वरित समाधान और उनके सम्मान की रक्षा,
पाठ्यक्रम में तकनीकी और व्यावहारिक शिक्षा का समावेश,
तथा छात्रों को रोजगारोन्मुख शिक्षा प्रदान करना।
इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के शिक्षकों, प्राचार्यों, प्रबंधकों और गणमान्य नागरिकों को अपने विचार साझा करने के लिए आमंत्रित किया, ताकि एक समावेशी और प्रभावी शिक्षा नीति तैयार की जा सके।
इस अवसर पर कई प्रमुख शिक्षाविद और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें धर्मेन्द्र सिंह (चेयरमैन, रामसिंह महाविद्यालय), प्रो. बी. पी. सिंह (प्राचार्य, राम सिंह महाविद्यालय), विवेक प्रताप सिंह (प्रधानाचार्य, जनकल्याण इण्टर कॉलेज शिकरारी), प्रबल प्रताप, रनवीर सिंह, राकेश कुमार, सुरेश पाल सिंह, जबर सिंह, गिरीश चन्द्र शर्मा, सत्य कुमार, विनोद प्रताप सिंह, डॉ. राजपाल सिंह चौहान, वेदप्रकाश, प्रो. ब्रजेश कुमार सिंह, प्रो. निशान्त चौहान, डॉ. दिनेश मिश्र, प्रो. डी. एस. यादव सहित कई अन्य शिक्षाविद शामिल रहे।
युवराज अंबरीश पाल सिंह ने विश्वास जताया कि यदि उनके विजन को समर्थन मिलता है तो क्षेत्र में शिक्षा का स्तर नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा और युवाओं को बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

