लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम अब डीजल से चलने वाली बसों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक ऊर्जा से संचालित बसों में बदलने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। वैश्विक परिस्थितियों और बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए यह बड़ा कदम उठाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा योगी आदित्यनाथ द्वारा पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने के आह्वान के बाद उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने इलेक्ट्रिक बसों को बेड़े में शामिल करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
परिवहन निगम की ओर से डेढ़ वर्ष पहले लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से खरीदी गई 220 एसी इलेक्ट्रिक बसों में से 140 बसों का संचालन शुरू कर दिया गया है। ये बसें वाराणसी, मथुरा, प्रयागराज, अयोध्या, आगरा, गोरखपुर और लखनऊ के आसपास विभिन्न मार्गों पर चलाई जा रही हैं। शेष बसों के संचालन की योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु नारायण सिंह ने बताया कि निगम ने विभिन्न श्रेणियों की 50 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए आरजी मोबिलिटी के साथ राजस्व साझेदारी (रेवेन्यू शेयरिंग) के आधार पर अनुबंध किया है। इसके तहत फिलहाल छह इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो चुका है।
निगम का लक्ष्य वर्ष 2030 तक अपने कुल बस बेड़े के 50 प्रतिशत से अधिक हिस्से को इलेक्ट्रिक बसों में परिवर्तित करना है। इससे ईंधन खर्च में कमी आने के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

