आगरा। सिकंदरा स्थित मस्जिद नहर वाली के ख़तीब मौलाना मोहम्मद इक़बाल ने जुमे के ख़ुत्बे में कहा कि पवित्र कुरआन का संदेश दुनिया के हर इंसान तक पहुंचाने की हर गंभीर और सकारात्मक कोशिश स्वागत योग्य और प्रशंसनीय है।
उन्होंने कहा कि ईरान की ओर से अपने नेता के जनाज़े में शामिल होने आए विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडलों के समक्ष कुरआन की उपयुक्त आयतों का पाठ कराया जाना एक अनूठी और ध्यान आकर्षित करने वाली पहल है। इससे यह संदेश मिलता है कि कुरआन की शिक्षाओं को वैश्विक स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता है।
मौलाना मोहम्मद इक़बाल ने कहा कि किसी भी अच्छे और सकारात्मक कार्य का मूल्यांकन मस्लकी (फिरक़ावाराना) मतभेदों से ऊपर उठकर किया जाना चाहिए। यदि कोई पहल कुरआन के संदेश को आम करने और उसकी शिक्षाओं को मानवता तक पहुंचाने में सहायक हो, तो उसका स्वागत और प्रोत्साहन किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में मुस्लिम दुनिया को आपसी एकता, दूरदर्शिता और बुद्धिमत्ता के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है। शिया-सुन्नी मतभेदों से ऊपर उठकर उम्मत के साझा हितों और एकजुटता पर ध्यान देना समय की सबसे बड़ी जरूरत है, ताकि मुस्लिम समाज विश्व स्तर पर अपनी गरिमा और प्रभाव को और अधिक मजबूत बना सके।
ख़तीब ने कहा कि दुनिया का राजनीतिक और कूटनीतिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। ऐसे समय में मुस्लिम देशों को आपसी सहयोग, एकता और समझदारीपूर्ण निर्णयों के माध्यम से अपने भविष्य की बेहतर रणनीति तैयार करनी चाहिए।
ख़ुत्बे के अंत में मौलाना मोहम्मद इक़बाल ने दुआ की कि अल्लाह तआला मुस्लिम शासकों को सही समझ, दूरदर्शिता और उम्मत के सर्वोत्तम हित में निर्णय लेने की तौफ़ीक़ अता फरमाए। आमीन।

