लखनऊ। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ‘आधी आबादी’ के उत्थान और सशक्तिकरण के संकल्प को मजबूती से आगे बढ़ा रही है। इसी दिशा में राज्य की प्रमुख योजना मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना बेटियों के लिए जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक एक मजबूत आर्थिक सुरक्षा कवच बनकर उभरी है।
महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस योजना ने अब तक प्रदेश की 27 लाख से अधिक बालिकाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है, जो सरकार की प्रतिबद्धता और व्यापक पहुंच को दर्शाता है।
आर्थिक संबल और शिक्षा की मजबूत नींव
साल 2019 में शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत अब तक 27,37,676 बालिकाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। सरकार ने पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए 674.13 करोड़ रुपये की धनराशि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी है।
इस योजना के अंतर्गत बालिका के जन्म से लेकर स्नातक में प्रवेश तक कुल छह चरणों में आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे बेटियों के भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने में मदद मिलती है।
सामाजिक सोच में बदलाव की पहल
यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति दशकों पुरानी संकीर्ण मानसिकता को बदलने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के उद्देश्यों को धरातल पर उतारते हुए यह पहल लिंगानुपात सुधारने, कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने और बालिकाओं के स्वास्थ्य व शिक्षा को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध हो रही है।
पूरी तरह राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित यह योजना हर घर की बेटी को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक प्रभावी कदम बन चुकी है।

