नई दिल्ली / पटना | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनके शासनकाल में बिहार की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। उन्होंने कहा कि इसी अव्यवस्था के चलते लाखों युवाओं को रोज़गार और पढ़ाई के लिए राज्य छोड़ना पड़ा।
राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में आयोजित कौशल दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा —
“ढाई दशक पहले बिहार की हालत ऐसी थी कि न स्कूल खुलते थे, न शिक्षकों की भर्तियाँ होती थीं। मजबूरी में बच्चों को वाराणसी, दिल्ली और मुंबई तक जाना पड़ता था। यही बिहार से पलायन की असली शुरुआत थी।”
पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए सरकार की सराहना करते हुए कहा कि आज राज्य की तस्वीर बदल रही है।
उन्होंने कहा कि अब हर गाँव में स्कूल हैं, कॉलेजों की संख्या कई गुना बढ़ी है और युवा वर्ग को रोज़गार से जोड़ने के ठोस प्रयास हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय समेत 62,000 करोड़ रुपये से अधिक की युवा-केंद्रित योजनाओं की शुरुआत की। उन्होंने कहा —
“मुझे खुशी है कि बिहार को आज एक नया कौशल विश्वविद्यालय मिला है। नीतीश कुमार की सरकार ने इसे भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर के नाम से जोड़कर युवाओं के सपनों को नया आयाम दिया है।”
मोदी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में 10 लाख से अधिक स्थायी सरकारी नौकरियाँ दी गई हैं और लगभग 50 लाख युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ा गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि अब बिहार खेल और औद्योगिक विकास के नए युग में प्रवेश कर चुका है —
“आज बिहार में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन हो रहे हैं, जो पहले सोचना भी मुश्किल था।”
प्रधानमंत्री ने अंत में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि ‘जीएसटी बचत उत्सव’ के चलते युवाओं में नया उत्साह है।
“मुझे बताया गया है कि बिहार के युवाओं ने धनतेरस पर बाइक और स्कूटर खरीदने की योजना बना ली है क्योंकि अब इन पर जीएसटी कम हो गया है। मैं देश के सभी युवाओं को इस बदलाव की बधाई देता हूँ।”

