वाराणसी। ऑल इंडिया जमीयतुल कुरैश (यूथ विंग) के प्रदेश उपाध्यक्ष हाजी मोहम्मद तौफीक कुरैशी ने वाराणसी नगर निगम द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित मीट, मांस, मछली एवं मुर्गा बाजारों को शहर की सीमा से बाहर स्थानांतरित किए जाने के प्रस्ताव पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि किसी भी विकास योजना को लागू करने से पहले उससे प्रभावित व्यापारियों, कर्मचारियों, श्रमिकों और उनके परिवारों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
हाजी तौफीक कुरैशी ने कहा कि नगर निगम की कार्यकारिणी द्वारा मीट, मांस, मछली एवं मुर्गा बाजारों को रामनगर, सुजाबाद, गणेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर जैसे बाहरी क्षेत्रों में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। यदि यह निर्णय बिना व्यापक विचार-विमर्श और व्यापारियों के पुनर्वास की ठोस व्यवस्था के लागू किया जाता है तो इससे हजारों लोगों के रोजगार और आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
उन्होंने बताया कि नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार शहर में लगभग 350 से 400 मीट, मांस, मछली एवं मुर्गा विक्रेताओं की दुकानें संचालित हैं। इन दुकानों से जुड़े कसाई, सफाई कर्मचारी, परिवहन कर्मी, लोडिंग-अनलोडिंग श्रमिक, कोल्ड स्टोरेज कर्मचारी और अन्य सहायक व्यवसायों से जुड़े हजारों परिवार प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से अपनी आजीविका अर्जित करते हैं। ऐसे में यह विषय केवल दुकानों के स्थानांतरण का नहीं बल्कि हजारों परिवारों के आर्थिक भविष्य का प्रश्न है।
हाजी तौफीक कुरैशी ने मांग की कि यदि नगर निगम बाजारों को स्थानांतरित करना चाहती है तो पहले प्रस्तावित स्थलों पर आधुनिक एवं पूर्ण विकसित बाजार तैयार किए जाएं। वहां पक्की दुकानें, स्वच्छ पेयजल, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, कोल्ड स्टोरेज, सीवर एवं जल निकासी व्यवस्था, कचरा निस्तारण, शौचालय, पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था तथा अग्निशमन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि नई मंडियों का निर्माण कब तक पूरा होगा, दुकानों का आवंटन किन मानकों के आधार पर किया जाएगा और वर्तमान दुकानदारों को क्या प्राथमिकता दी जाएगी। जब तक इन सभी प्रश्नों का स्पष्ट उत्तर नहीं दिया जाता, तब तक किसी भी प्रकार की स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू नहीं की जानी चाहिए।
हाजी तौफीक कुरैशी ने कहा कि यदि बाजारों को शहर से बहुत दूर स्थापित किया जाता है तो आम नागरिकों के लिए वहां पहुंचना कठिन होगा, जिससे व्यापारियों की आय प्रभावित होगी और छोटे दुकानदार आर्थिक संकट का सामना करने को मजबूर हो सकते हैं। उन्होंने व्यापारिक व्यवहार्यता, ग्राहक पहुंच और सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता का विस्तृत अध्ययन कराने की भी मांग की।
उन्होंने नगर निगम की बैठक में पार्षद गुलशन अली द्वारा उठाए गए व्यापारियों के हितों से जुड़े मुद्दों का समर्थन करते हुए कहा कि बढ़ती महंगाई, लाइसेंस संबंधी जटिलताओं और घटती क्रय शक्ति के बीच व्यापारी वर्ग पहले ही दबाव में है। ऐसे समय में बिना उचित पुनर्वास योजना के स्थानांतरण का निर्णय उनकी परेशानियों को और बढ़ा सकता है।
ऑल इंडिया जमीयतुल कुरैश (यूथ विंग) ने मांग की है कि प्रस्ताव को लागू करने से पूर्व व्यापारियों, कुरैशी समाज के प्रतिनिधियों, श्रमिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों की संयुक्त बैठक बुलाई जाए तथा सभी पक्षों की सहमति के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाए।
हाजी मोहम्मद तौफीक कुरैशी ने कहा कि कुरैशी समाज स्वच्छता, विकास और बेहतर नगर व्यवस्था का समर्थन करता है, लेकिन विकास के नाम पर मीट, मांस, मछली एवं मुर्गा व्यापार से जुड़े हजारों परिवारों की आजीविका की अनदेखी स्वीकार नहीं की जा सकती। प्रशासन को ऐसा संतुलित और न्यायपूर्ण समाधान निकालना चाहिए जिससे शहर का विकास भी हो और व्यापारियों तथा श्रमिकों के अधिकार एवं रोजगार भी सुरक्षित रहें।
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रिपोर्ट: टाइम्स ऑफ ताज न्यूज़ डेस्क
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