लखनऊ। समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल, वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और विधान परिषद सदस्य राजेंद्र चौधरी की तबीयत शुक्रवार को अचानक बिगड़ गई। उन्हें गंभीर हालत में तत्काल श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया, जहां उनका आईसीयू में इलाज चल रहा है।
अस्पताल के निदेशक डॉ. जी.पी. गुप्ता के अनुसार, राजेंद्र चौधरी को हार्ट अटैक के बाद कार्डियक अरेस्ट हुआ। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. भुवन चंद्र तिवारी को भी सिविल अस्पताल बुलाया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।
राजेंद्र चौधरी के अस्वस्थ होने की सूचना मिलते ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सिविल अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। अस्पताल में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का भी पहुंचना शुरू हो गया।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, राजेंद्र चौधरी का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में जारी है। हालांकि उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि आगे की स्थिति मेडिकल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मुलायम सिंह यादव के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में रहे
राजेंद्र चौधरी समाजवादी आंदोलन के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं और करीब चार दशक तक मुलायम सिंह यादव के सबसे करीबी सहयोगियों में शामिल रहे। वर्ष 1974 में उन्हें चौधरी चरण सिंह ने गाजियाबाद शहर से विधानसभा चुनाव का उम्मीदवार बनाया था। हालांकि उस चुनाव में उन्हें हार मिली, लेकिन 1977 में वे उसी सीट से विधायक निर्वाचित होकर विधानसभा पहुंचे।
लोकदल के दौर में मुलायम सिंह यादव प्रदेश अध्यक्ष और राजेंद्र चौधरी संगठन के महामंत्री रहे। पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने वर्षों तक पार्टी संगठन को मजबूत करने का कार्य किया और राजधानी लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में रहकर संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाईं।
कठिन दौर में भी नहीं छोड़ा मुलायम सिंह का साथ
लोकदल के विभाजन के समय, जब अधिकांश जाट नेता अजित सिंह के साथ चले गए, तब भी राजेंद्र चौधरी मुलायम सिंह यादव के साथ मजबूती से खड़े रहे। वे उन्हें चौधरी चरण सिंह की राजनीतिक विरासत का वास्तविक उत्तराधिकारी मानते थे। पिछले तीन दशकों से अधिक समय तक उन्होंने पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और प्रमुख रणनीतिकार के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अपनी सादगी, ईमानदारी और अनुशासित जीवनशैली के लिए पहचाने जाने वाले राजेंद्र चौधरी शुद्ध शाकाहारी हैं और बिना प्याज के सादा भोजन करने की आदत के लिए भी जाने जाते हैं। राजनीतिक गलियारों में उनकी साफगोई, संगठन के प्रति समर्पण और गोपनीयता बनाए रखने की क्षमता की हमेशा सराहना होती रही है।

