“यूनानी चिकित्सा पद्धति में नवाचार और प्रगति” रहा इस वर्ष का विषय
आगरा। महान यूनानी चिकित्सक, प्रख्यात शोधकर्ता, उत्कृष्ट वैद्य एवं स्वतंत्रता सेनानी हकीम अजमल खान की जयंती के अवसर पर जनपद में यूनानी दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में उनके योगदानों को स्मरण करते हुए यूनानी चिकित्सा पद्धति के विकास और संवर्धन के प्रति संकल्प दोहराया गया।
वक्ताओं ने कहा कि हकीम अजमल खान ने भारत में यूनानी चिकित्सा को नई पहचान दिलाई और इसकी मजबूत नींव रखी। उनके प्रयासों से यह पद्धति न केवल देश में प्रतिष्ठित हुई, बल्कि शोध और शिक्षा के क्षेत्र में भी आगे बढ़ी। इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री एवं माननीय मुख्यमंत्री द्वारा यूनानी चिकित्सा के उन्नयन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई।
इस वर्ष यूनानी दिवस का विषय “यूनानी चिकित्सा पद्धति में नवाचार और प्रगति” रखा गया। वक्ताओं ने कहा कि यूनानी चिकित्सा अपनी समृद्ध परंपराओं के साथ आधुनिक स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है। वैज्ञानिक प्रमाणिकता, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से इसे और सशक्त बनाया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न संस्थानों द्वारा शोध प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया, जो ज्ञान-विस्तार में सहायक सिद्ध होंगे।ज़िला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, आगरा डॉ. एम. एस. आलम के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. बी. बी. यादव, डॉ. एस. के. सिंह, डॉ. विमल कुमार, डॉ. अरीज शेरवानी, डॉ. विनोद, डॉ. कुसुम बाला, डीपीएम आयुष श्रीमती सौम्या शर्मा, श्री राहुल, श्री एजाज़ सहित समस्त स्टाफ़ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में यूनानी चिकित्सा पद्धति को जन-जन तक पहुंचाने और इसे आधुनिक संदर्भ में और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान किया गया।

