लखनऊ। चुनाव से ठीक पहले योगी आदित्यनाथ सरकार ने ऐसा बजट पेश किया है, जिसे अब तक का सबसे बड़ा और सबसे आक्रामक विकास बजट माना जा रहा है। 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये का यह बजट पिछले साल से करीब 12% ज्यादा है। विधानसभा में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने जब यह बजट पेश किया तो सदन में विकास, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर साफ दिखाई दिया।
बेटियों के लिए बड़ा तोहफा
सरकार ने शादी अनुदान योजना में बड़ी बढ़ोतरी की है। अब बेटियों की शादी पर 51 हजार की जगह सीधे 1 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है।
युवाओं पर फोकस: 10 लाख रोजगार
सरकार ने 10 लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा है।
सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का लोन बिना ब्याज और बिना गारंटी मिलेगा।
मेधावी छात्रों को 400 करोड़ रुपये से स्कूटी बांटी जाएंगी, जबकि फ्री टैबलेट और स्मार्टफोन के लिए 2374 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
शिक्षा और स्वास्थ्य में बड़ा विस्तार
प्रदेश में पहले से 60 मेडिकल कॉलेज हैं, अब 16 नए और खोले जाएंगे।
3 नई यूनिवर्सिटीज शुरू होंगी।
शिक्षा के लिए 12.5 से 15% तक बजट आवंटित किया गया है, जबकि स्वास्थ्य क्षेत्र को 6-8% हिस्सा मिला है।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर सबसे ज्यादा खर्च
कुल बजट का 25% हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर को दिया गया है।
34 हजार करोड़ रुपये से नॉर्थ-ईस्ट कॉरिडोर बनेगा, जो गोरखपुर से नेपाल बॉर्डर होते हुए सहारनपुर तक जाएगा।
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अब 2 की जगह 5 रनवे बनेंगे।
राज्य के 7 शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा।
AI से लेकर अयोध्या तक
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए 225 करोड़ रुपये का प्रावधान।
अयोध्या और नैमिषारण्य के विकास के लिए 100-100 करोड़ रुपये।
मेरठ, मथुरा-वृंदावन और कानपुर विकास प्राधिकरण को 800 करोड़ रुपये।
मध्यम वर्ग और किसानों के लिए भी प्रावधान
मध्यम वर्ग के लिए नई रेजीडेंशियल स्कीम लाई जाएगी।
कृषि को 12% बजट दिया गया है।
छुट्टा गोवंश के रख-रखाव के लिए 2000 करोड़ रुपये प्रस्तावित।
यह योगी सरकार का 10वां बजट है। पिछले साल 8.7 लाख करोड़ का बजट था, इस बार उससे भी बड़ा। चुनावी साल में आया यह बजट साफ संकेत देता है कि सरकार विकास, युवाओं और महिलाओं को केंद्र में रखकर मैदान में उतर रही है।
अब नजर इस बात पर होगी कि ये घोषणाएं जमीन पर कितनी तेजी से उतरती हैं — लेकिन फिलहाल बजट ने सियासी पारा जरूर चढ़ा दिया है।

