“ख़ान” उपनाम का मूल “ख़ान” केवल एक सामान्य उपनाम नहीं है, बल्कि यह मध्य एशिया की तुर्क–मंगोल साम्राज्य परंपरा का…
“ख़ान” उपनाम का मूल “ख़ान” केवल एक सामान्य उपनाम नहीं है, बल्कि यह मध्य एशिया की तुर्क–मंगोल साम्राज्य परंपरा का…
लेखिका: तबस्सुम अब्बास (शिक्षिका एवं सामाजिक चिंतक) भूमिका: मंच से उठती आवाज़ हर साल 27 मार्च को विश्व रंगमंच दिवस…
सच, तहज़ीब और इंसानियत की आवाज़—उर्दू पत्रकारिता का सफ़र लेखक- अज़हर उमरी (वरिष्ठ पत्रकार) हर साल 27 मार्च को भारत…
लेखक। अज़हर उमरी दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य ताकत माने जाने वाले संयुक्त राज्य अमेरिका ने बीते दशकों में कई…
समाज की सच्चाई को अगर एक वाक्य में समेटना हो तो यह कहा जा सकता है—“जहां रोटी मजदूर की तनख्वाह…
हज़रत ख्वाजा उस्मान हारूनी (रह.) की ज़िंदगी, तालीम और वो वाक़िया जो हर इंसान को जानना चाहिए क्या आपने कभी…
पीत वस्त्रों में सजी महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर बढ़ाया आयोजन का वैभव, गणेश जी की सवारी रही…
लेखिका: तबस्सुम अब्बास, शिक्षिका एवं सामाजिक चिंतक आज की दुनिया में गरीबी को अक्सर धन, संपत्ति और संसाधनों की कमी…
लेखक।। अज़हर उमरी (वरिष्ठ पत्रकार) नई दिल्ली/इतिहास विशेष | Times of Taj 23 मार्च 1614 का दिन भारतीय इतिहास में…
लेखक: अज़हर उमरी (वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विशेषज्ञ) भारतीय राजनीति के इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं जो केवल व्यक्ति…

